तुम्हारे शहर में नया था मैं और कुछ ख्वाब पुराने से, सभी अपने से लगते थे यहां और मैं तुम्हारे शहर में नया था मैं और कुछ ख्वाब पुराने से, सभी अपने से लगते थे यह...
दुनिया सभी जीव प्रकृति के साथ में संतुलन बनाकर जीते हैं लेकिन इंसान अभी तक ऐसा करना नहीं सीख पाए हैं... दुनिया सभी जीव प्रकृति के साथ में संतुलन बनाकर जीते हैं लेकिन इंसान अभी तक ऐसा क...
बिना उनके मरना मज़ूर जीना गंवारा न था। बिना उनके मरना मज़ूर जीना गंवारा न था।
प्रेम में पूरा शहर एक छत बन जाता है प्रेम में पूरा शहर एक छत बन जाता है
जन्म से ही समझे इन्सान है नश्वर ये तन आता जाता रहता धन जन्म से ही समझे इन्सान है नश्वर ये तन आता जाता रहता धन
संघर्षों से भरा यौवन मेरे अन्दर का बच्चा दुबका रहा अंदर ही | संघर्षों से भरा यौवन मेरे अन्दर का बच्चा दुबका रहा अंदर ही |